रिपोर्ट/: Nilesh Sony
क्षेत्र में गोंडवाना समाज अपने अधिकारों और पहचान को लेकर अब खुलकर सामने आ रहा है।
“अब चुप्पी नहीं… गोंडवाना का जवाब आएगा!” जैसे नारों के साथ समाज के लोग एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई को तेज कर रहे हैं।
इस संबंध में श्यामसिंह मरकाम ने जानकारी देते हुए बताया कि लंबे समय से समाज की उपेक्षा की जा रही है, जिसके चलते अब लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब गोंडवाना समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करे।
श्यामसिंह मरकाम ने आगे कहा, “हक की लड़ाई में जो खड़ा होता है, वही इतिहास बनाता है।
आज जरूरत है कि समाज के लोग जागरूक होकर अपनी पहचान और अधिकार के लिए आगे आएं।”
ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस आंदोलन का प्रभाव तेजी से देखा जा रहा है। विशेष रूप से युवा वर्ग इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है, जिससे आंदोलन को नई ऊर्जा मिल रही है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।
समाज के लोगों का मानना है कि यह सिर्फ एक आवाज नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व और सम्मान की रक्षा का संकल्प है।
फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

