प्रथम पुरस्कार दो लाख रुपये, आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026
सूरजपुर/ 04 मई 2026/ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एन.एच.आर.सी.), भारत द्वारा मानवाधिकारों के संवर्धन एवं संरक्षण से जुड़े रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित ’’शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता-2026’’ के 12वें संस्करण के लिए देशभर के नागरिकों से प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु आयु की कोई बाध्यता नहीं है तथा इसमें कोई प्रवेश शुल्क भी नहीं रखा गया है।
प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ फिल्म हेतु प्रथम पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में एक लाख पचास हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये की नगद राशि के साथ प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त निर्णायक मण्डल की अनुशंसा पर अधिकतम चार फिल्मों को ’’विशेष उल्लेख प्रमाण पत्र’’ के साथ पचास-पचास हजार रुपये की नगद राशि देने पर भी विचार किया जाएगा।
प्रतियोगिता हेतु शॉर्ट फिल्म हिंदी अथवा किसी भी भारतीय भाषा में अंग्रेज़ी सब टाईटल के साथ अथवा पूर्णतः अंग्रेज़ी भाषा में बनाई जा सकती है। फिल्म की अवधि न्यूनतम तीन मिनट तथा अधिकतम दस मिनट होनी चाहिए तथा वह कथा, वृत्तचित्र अथवा एनिमेशन किसी भी विधा में एमपी फॉर फॉर्मेट (फुल एचडी) में प्रस्तुत की जा सकती है। फिल्मों के विषय व्यापक मानवाधिकार आयामों पर आधारित होंगे, जिनमें जीवन, स्वतंत्रता, समानता एवं गरिमा का अधिकार, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के अधिकार, बंधुआ एवं बाल मज़दूरी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा का अधिकार, मानव तस्करी, स्वच्छ पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा तथा एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के अधिकार सहित अन्य सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक विषय सम्मिलित हैं।
आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएँगे। इच्छुक प्रतिभागी विधिवत भरे आवेदन प्रपत्र, फिल्म की विषयवस्तु एवं सारांश सहित समस्त दस्तावेज़ों को गूगल ड्राइव पर अपलोड कर उसका लिंक आयोग की ईमेल nhrcshortfilm/gmail.com पर प्रेषित करें। आवेदन के साथ आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक वैध शासकीय पहचान पत्र की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। प्रविष्टियाँ भेजने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 है। विस्तृत नियम एवं शर्तें आयोग की वेबसाइट https://nhrc.nic.in पर उपलब्ध हैं।
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने जिले के युवाओं, फिल्मकारों, विद्यार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की है कि वे इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपनी सहभागिता प्रस्तुत करें तथा समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने की इस नागरिक-केंद्रित पहल का हिस्सा बनें।

