(विशेष रिपोर्ट): बेनी माधव कुशवाहा….
शहडोल/जयसिंहनगर
जिले के जयसिंहनगर तहसील अंतर्गत ग्राम कुदरी से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक हितग्राही ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने,
रास्ता अवरुद्ध करने तथा विरोध करने पर झूठे मुकदमे और SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
यह मामला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सामाजिक न्याय और कानून के दुरुपयोग की आशंका भी जताता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित द्वारा कलेक्टर शहडोल को दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उसकी निजी भूमि के सामने स्थित शासकीय भूमि (खसरा नंबर 497/1) पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा कर झोपड़ी निर्माण एवं स्थायी कब्जे की कोशिश की जा रही है।
इससे न केवल शासकीय संपत्ति का हनन हो रहा है, बल्कि पीड़ित और अन्य ग्रामीणों के आवागमन तथा खेती-किसानी के कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
आवेदन में क्या है आरोप?
पीड़ित का कहना है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा लगभग 66×96 फीट भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
जब इसका विरोध किया गया तो गाली-गलौज, झूठे आपराधिक प्रकरण में फंसाने तथा SC/ST एक्ट लगाने की धमकी दी गई।
यह आरोप बेहद गंभीर हैं, क्योंकि ऐसे कानूनों का दुरुपयोग समाज में भय और अन्याय की स्थिति पैदा कर सकता है।
बताया गया है कि इस मामले की शिकायत पूर्व में 13 जनवरी 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भी की गई थी,
लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती
, तो यह मामला बड़े विवाद का रूप ले सकता है।


हितग्राही के अधिकारों का हनन:
इस घटना से साफ है कि एक आम किसान/हितग्राही अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है।
शासकीय भूमि पर कब्जा और रास्ता अवरुद्ध होना सीधे तौर पर उसके जीवनयापन पर असर डाल रहा है।
ऐसे में प्रशासन का कर्तव्य है कि वह निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।

राजनीतिक दृष्टिकोण:
इस मामले ने स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है। विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हैं
उनका कहना है कि यदि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को ही धमकाकर चुप कराया जाएगा, तो कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होगा।


विपक्ष का आरोप:
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि
शासकीय भूमि की सुरक्षा में लापरवाही हो रही है
पीड़ित को न्याय दिलाने में प्रशासन असफल रहा है
कानून का डर दिखाकर उत्पीड़न किया जा रहा है
मांग:
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि
तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए
दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो
उसे सुरक्षा प्रदान की जाए
झूठे मुकदमों से बचाया जाए
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का है।
यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह घटना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

