CBI को अपील करने की अनुमति दी गई और दूसरा, हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अब दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई 23 अप्रैल को तय किया है।
इससे पहले हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी गई थी। 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था।

इसके खिलाफ जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।अमित जोगी ने फेसबुक पर लिखा है कि, सर्वोच्च न्यायालय ने आज दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के खिलाफ मेरी एसएलपी और 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ वैधानिक अपील।

