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मेन्डा ग्राम/ पंचायत के आश्रित ग्राम भलुआर ग्राम में लापरवाही: ? प्लेटें: गायब ?
मेन्डा ग्राम/ पंचायत के आश्रित ग्राम भलुआर ग्राम में अविश्वसनीय लापरवाही: ?
ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित! ?
भलुआर (मेन्डा ग्राम/ पंचायत )
| देश के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ के तहत ग्राम पंचायत मेन्डा के आश्रित ग्राम भलुआर में लगाई गई सौर ऊर्जा आधारित जल प्रदाय योजना पिछले दो साल से मात्र एक ढांचा बनकर रह गई है।?
यह अविश्वसनीय है कि जिस योजना का मूल आधार ही सौर ऊर्जा है, उसमें आज तक सौर ऊर्जा प्लेटें ही नहीं लगाई गई हैं! ?
यह निंदनीय स्थिति किरण विभाग के उस घोर लापरवाह रवैये को दर्शाती है, जिसके कारण ग्राम भलुआर के नागरिक आज भी मूलभूत सुविधा यानी पीने के पानी से वंचित हैं। ?
ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन उनकी उम्मीदें धूल फाँक रही हैं। ?!
इस योजना की वर्तमान स्थिति एक विचित्र विडंबना है।
सौर ऊर्जा प्रणाली के नाम पर केवल पाइपलाइन और मोटर का ढाँचा खड़ा कर दिया गया, ?
लेकिन जो उसका प्राण तत्व है—यानी सौर पैनल—वह नदारद है। ?
इस अभूतपूर्व और गलत कार्यशैली ने विभाग की कार्यक्षमता पर एक
भयंकर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ?

* दो साल का लंबा विलम्ब: ग्रामीण बताते हैं कि संरचना स्थापित हुए दो वर्ष बीत चुके हैं। ?
* प्लेटें गायब: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना सौर प्लेटों के, यह योजना सिर्फ एक निष्प्रभावी शोपीस है। ?
* पानी का संकट: ?
इस अद्भुत लापरवाही का सीधा खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जो बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। ?
यह निंदनीय है कि सरकार की इतनी बड़ी योजना स्थानीय स्तर पर इस तरह पंगु बना दी गई है। ?
आखिर कौन है इस अविश्वसनीय ढिलाई के लिए जिम्मेदार?
🚨 मांग: तत्काल कार्रवाई हो! ?
ग्राम भलुआर के नागरिक मांग करते हैं कि विभाग
(संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी) इस भयंकर विसंगति को तत्काल दूर करे। ?
सौर ऊर्जा प्लेटों को तुरंत लगाकर योजना को क्रियान्वित किया जाए ताकि ग्रामीण पीने के पानी की मूलभूत सुविधा से और अधिक समय तक वंचित न रहें।
इस कठिन समय में, संबंधित अधिकारियों को अपनी गलत कार्यशैली को सुधारना होगा ?
और सुनिश्चित करना होगा कि हर घर नल से जल का सपना, भलुआर ग्राम में हकीकत बन सके। ?
ग्राम पंचायत मेन्डा
आश्रित ग्राम भलुआर

