जिला जनसम्पर्क कार्यालय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
समाचार……..
एमसीबी/24 मार्च 2026/ शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी मनेन्द्रगढ़ द्वारा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत आदेश जारी कर नगर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दिन के समय सभी प्रकार के भारी एवं मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 23 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जाम और अव्यवस्था से राहत के लिए लिया गया फैसला
प्रशासन के अनुसार शहर के घनी आबादी वाले इलाकों, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास लगातार ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा था। खासतौर पर गोदामों में लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से पीक आवर्स में जाम की स्थिति बन जाती थी। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था और जनसुरक्षा भी प्रभावित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इन मार्गों और क्षेत्रों में रहेगा सख्त प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक पीडब्ल्यूडी चौक से भगत सिंह चौक, हजारी चौक, छोटा सांई मंदिर चौक होते हुए खेड़िया तिराहा तक, जोड़ा तालाब सब्जी मार्केट और शहर के मेन मार्केट क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा खेड़िया तिराहा (जेकेडी रोड) से शहर की ओर आने वाला मार्ग, पीडब्ल्यूडी चौक से शहर प्रवेश मार्ग, हसदेव इन होटल के पास से शहर की ओर जाने वाला रास्ता, खाटू श्याम मंदिर रेलवे ओवरब्रिज से शहर प्रवेश मार्ग तथा बस स्टैंड डॉ. नियोगी पुलिया क्षेत्र से शहर की ओर आने वाले मार्गों पर भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
आपातकालीन सेवाओं को मिली छूट
इस प्रतिबंध से एम्बुलेंस, स्कूल बस, नगर पालिका के वाहन, स्वच्छता कार्य में लगे वाहन तथा अन्य आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह छूट दी गई है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हाईवे और संपर्क मार्गों पर भी सख्ती
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित समय के दौरान बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ट्रक और ट्रेलर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 या उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर किसी भी स्थिति में खड़े नहीं किए जा सकेंगे। इससे हाईवे पर जाम की स्थिति को रोकने में मदद मिलेगी।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं अन्य प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर की अनुमति से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
समाचार क्रमांक/234/लोकेश/महेन्द्र/
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 2025-26: ऑनलाइन आवेदन की तारीख बढ़ी, आवेदन की अंतिम तिथि 27 मार्च तक
एमसीबी/ 24 मार्च 2026/ जिले में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया जारी है। शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित इस योजना में अब विद्यार्थियों को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।
जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईटीआई, नर्सिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को सूचित किया गया है कि वे निर्धारित पोर्टल http://postmatric-scholarship. cg.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 23 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगी, जबकि संस्थानों द्वारा प्रस्ताव लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास को भेजने की अंतिम तिथि 29 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है।
इसके बाद शासकीय संस्था एवं जिला कार्यालय द्वारा स्वीकृति आदेश लॉक करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तक तय की गई है तथा कोषालय द्वारा भुगतान हेतु राज्य कार्यालय को प्रेषण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक रखी गई है। निर्धारित समय सीमा के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और समय पर प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने पर संबंधित संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
छात्रवृत्ति के लिए पात्रता के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के पालक की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1.00 लाख रुपये निर्धारित है। इसके साथ ही स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र, पूर्व कक्षा की अंकसूची तथा संस्था द्वारा जारी बोनाफाइड प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे।
छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित प्रणाली से किया जाएगा, इसलिए विद्यार्थियों को सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता सक्रिय हो और आधार से लिंक हो। साथ ही इस वर्ष सभी संस्थाओं के लिए जियो-टैगिंग अनिवार्य की गई है, अन्यथा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल सकेगा।
इसके अलावा एनएसपी पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना भी आवश्यक है और संस्था प्रमुख तथा छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था के तहत पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
समाचार क्रमांक/235/लोकेश/महेन्द्र/

