बैकुंठपुर जिला कोरिया के जाने माने नेता जो की पूर्व में कांग्रेज के गद्दवर नेता माने जाते थे जो की कोरिया कुमार के ज़माने में उनकी टूटी बोलती थी संजय जयासवाल अपने में बहुत बड़ी मिसाल माने जाते है राष्ट्रिय पार्टी के लोग भी कैफ खाते थे पर कोरिया जिले की जन्नत पूछती है जिस मंच पे खड़े हो कर भाजपा को बोलते थे आज वही नेता की क्या मज़बूरी थी जो की भाजपा का दामन थामना पड़ा जो की संजय जयासवाल एक शक्ति थी कलम में ताकत अछे को पानी पिलाने वाले गद्दवर नेता जो की प्रत्पक्ष नेता भी रह चुके है तीन बार के पार्षद भी रह चुके है पर एक कह्वाहत है की मज़बूरी का दवाब सबको झुका देती है इस सम्बन्ध में संपादक से बातचीत मोबाइल पर हुआ उन्होंने अपनी बात को ऐसा घुमा दिया की लड़ाई किसी संगठन में ही रहकर ही कामयाबी मिल सकती है सोचने वाली बात है की अकेले व्यति ने बैकुंठपुर के ऐसे ऐसे सुरंध्रों से टक्कर ले कर लोगो ध्वस्त किया तो जनता जानना चाहती है की कोई दवाब व् मज़बूरी ही इसका अर्थ निकाला जा सकता है नेतावो का कोई स्थान राजनितिक में पार्टी बदलना आम बात हो चुकी है

इसके बारे में विस्तार से संजय जैसवाल से मुलाकात होने के बाद |



