मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत चितरांव के माध्यमिक शाला में एक से आठवीं तक की कक्षा संचालित होती है
विगत कई वर्षों से स्कूल संचालन हो रहा है लेकिन यहां के मूलभूत सुविधाएं आज भी जस की तस है
स्कूल में सबसे पहले बाउंड्री वॉल की आवश्यकता होती है जिससे बच्चे बाहर निकलकर यहां वहां घूम ना सके उनकी सुरक्षा बनी रहे


बाहर के आवारा पशु या जानवर स्कूल के अंदर प्रवेश न कर सके
दूसरी चीज कुछ आवारा लड़के रात होते ही स्कूल को अपने अय्याशी का अड्डा बना लेते हैं बैठ कर शराब पीना फिर वहीं पर बोतल तोड़कर चले जाना
स्कूल बिल्डिंग में जो सामग्रियां है उसकी चोरी करना बिजली के तार को काट कर ले जाना
आए दिन यह गतिविधियां होती रहती है

मैं प्रशासन का ध्यान माध्यमिक शाला चितरांव की ओर आकर्षित कराना चाहता हूं
मौके पर जांच कर स्कूल के व्यवस्था को सही कर बच्चों के भविष्य को सुव्यवस्थित करें
क्योंकि व्यवस्था जब पूरी होती है तो बच्चों का मन भी पढ़ाई के प्रति अच्छा लगता है
अव्यवस्थाओं के बीच में अपनी मजबूरी के साथ बच्चे जाते तो जरूर है लेकिन मन में एक डर का माहौल रहता है
फिर हम सरकारी स्कूल के तरफ ध्यान क्यों ना दें..?

सरकार स्कूलों के प्रति इतनी सजग है बच्चों के पढ़ाई के प्रति इतनी सजग है तो फिर अव्यवसथाए क्यों है
मैं वशिष्ठ टाइम अखबार के माध्यम से सरकार का ध्यान खास तौर पर ग्राम पंचायत चितरांव के माध्यमिक शाला की ओर आकर्षित कराना चाहूंगा की सभी अव्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित कर बच्चों के भविष्य को सवारने में सहयोग करें

गणेश सोनी वशिष्ठ टाइम्स
सिटी रिपोर्टर

