*कोरिया, 15 जुलाई 2026/*कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बुधवार को बैकुंठपुर स्थित मत्स्य बीज प्रक्षेत्र झुमका (फिश हैचरी) का निरीक्षण कर मत्स्य बीज उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के मछली पालकों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज समय पर उपलब्ध कराया जाए तथा हैचरी की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी मत्स्य पालक महिलाओं से चर्चा कर उन्हें मत्स्य पालन के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से यह क्षेत्र और अधिक विकसित होगा।

कलेक्टर ने हैचरी की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण करते हुए स्पॉनिंग पूल, इनक्यूबेशन पूल एवं ब्रिडिंग तकनीक की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि हैचरी में प्रत्येक पॉलिथीन पैक में 50 हजार मत्स्य स्पॉन तैयार किए जा रहे हैं। अच्छी वर्षा के चलते जिले में मछली संचयन एवं मत्स्य पालन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं तथा किसानों को लगातार मत्स्य बीज वितरित किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मत्स्य बीज उत्पादन से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली तथा प्रत्येक चरण में तैयार किए जा रहे मत्स्य बीज एवं तालाबों में उनके संवर्धन की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने मत्स्य बीज उत्पादन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत जिले के तीन महिला स्व-सहायता समूहों को मौसमी तालाबों में स्पॉन संवर्धन के लिए प्रति समूह 25 लाख मत्स्य बीज स्पॉन, जाल एवं सरसों खली उपलब्ध कराई गई। वहीं विभागीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र झुमका में 10 लाख स्पॉन का संवर्धन किया गया। इस प्रकार जिले में बुधवार को कुल 85 लाख मत्स्य स्पॉन का उत्पादन एवं संवर्धन किया गया।


कलेक्टर ने फिश इंस्पेक्टर को लगातार मत्स्य पालकों से संपर्क करने तथा उनकी समस्याओं को समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सिर्फ मत्स्य बीज वितरण करना नहीं है, बल्कि हितग्राहियों के जीवन स्तर को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि जिले में 150 समूहों को मत्स्य बीज वितरण करने का लक्ष्य है, सभी समूहों की बारीकी से जानकारी दर्ज करें। उन्होंने कहा स्व सहायता समूहो को मत्स्य पालन से हुए लाभ के बारे में अधिकाधिक प्रचार प्रसार भी करें ताकि अन्य लोगों को प्रेरणा मिल सकें। मत्स्य पालन विभाग के उप संचालक श्री एस के अहीरवार ने कलेक्टर को मत्स्य बीज उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी। इस दौरान मत्स्य निरीक्षक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

