— विशेष समाचार Nilesh sony
धमधागढ़ (छत्तीसगढ़):
केन्द्रीय गोण्डवाना गोंड महासभा द्वारा आयोजित धमधागढ़ महासम्मेलन 2026 के दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ आज भव्य रूप से हुआ। पहले दिन के कार्यक्रम में देशभर से आए सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तिरु तुलश्वर सिंह मरकाम, वरिष्ठ समाजसेवी बी.एल. कोर्राम, तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कमलेश सोरी द्वारा की गई।
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श्याम सिंह मरकाम का प्रभावशाली संबोधन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम ने अपने ओजस्वी भाषण में आदिवासी समाज के अधिकार, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा:
“गोंडवाना की पहचान और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। अब समय आ गया है कि हमारी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से सुनी जाए।”

राजनीतिक दृष्टि से बढ़ता प्रभाव
इस महासम्मेलन को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच के रूप में देखा जा रहा है। श्याम सिंह मरकाम के नेतृत्व में पार्टी लगातार जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आदिवासी हितों को राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुखता दिलाने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े आयोजनों से:
आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी
क्षेत्रीय मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श में स्थान मिलेगा
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को मजबूत जनाधार प्राप्त होगा
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जनहित के मुद्दों पर जोर
महासम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और वनाधिकार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक इन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।
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धमधागढ़ महासम्मेलन 2026 केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि गोंडवाना विचारधारा और आदिवासी स्वाभिमान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।
श्याम सिंह मरकाम का नेतृत्व और उनके विचार आने वाले समय में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

