नीलेश सोनी |ब्यूरो चीफ, वशिष्ठ टाइम्स
कोरिया (छत्तीसगढ़):
जिले की मनसुख पंचायत में विकास कार्यों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पंचायत क्षेत्र की मुख्य सड़क पर बनी पुलिया की जर्जर और टूटी हुई हालत न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह आम जनता के लिए किसी बड़े हादसे का खुला निमंत्रण भी बन चुकी है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के बीचों-बीच पुलिया टूट चुकी है, जिससे दिन में तो किसी तरह लोग संभलकर निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय यह स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। अंधेरे में यह पुलिया किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
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⚠️ “विकास” पर बड़ा सवाल:
क्या यही है पंचायत स्तर का विकास?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित रह गई है?
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जनता का आक्रोश:
ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि
“कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो बड़ा हादसा तय है।”
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इस मामले ने स्थानीय विधायक, जिला पंचायत और कलेक्टर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जनता पूछ रही है कि:
आखिर क्यों ऐसी खतरनाक स्थिति को नजरअंदाज किया जा रहा है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं?
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यह केवल एक टूटी पुलिया का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही का आईना है।
अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह मुद्दा जनआंदोलन का रूप ले सकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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मनसुख पंचायत की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी कितनी कमजोर है। अब वक्त आ गया है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर तत्काल कार्रवाई करे, ताकि किसी निर्दोष की जान खतरे में न पड़े।

