कोरिया/स्थानीय संवाददाता
Nilesh sony
जिला कोरिया के ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा व्यवस्था की बदहाली अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। ग्राम सिंगोर पटेलपारा में स्थापित सौर ऊर्जा प्लांट पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को लगातार अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है।
इसी तरह ग्राम पंचायत रावतसरई अंतर्गत ग्राम बेलार्ड सिगपानी में भी पिछले तीन महीनों से सौर ऊर्जा प्लांट ठप है। स्थिति यह है कि भीषण गर्मी के मौसम में ही जब बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, तब आने वाले बरसात के दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सौर ऊर्जा जैसी महत्वपूर्ण योजना का इस प्रकार बंद होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि इससे जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई, दैनिक कार्य और सुरक्षा सभी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
यह प्रश्न उठता है कि जब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता और उजाला पहुंचाने की बात करती है, तब ऐसे प्लांटों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही क्यों बरती जा रही है।

जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के लिए यह आवश्यक है कि:
– तत्काल प्लांटों की जांच कर उन्हें चालू कराया जाए
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– जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
– भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी व्यवस्था की जाए
जनहित की दृष्टि से यह अपेक्षित है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करे, ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा — बिजली — से वंचित न रहना पड़े।
ग्रामीणों ने भी शासन-प्रशासन से अपील की है कि समय रहते समस्या का समाधान किया जाए, जिससे बरसात के मौसम में अंधकार की स्थिति से बचा जा सके।

