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एमसीबी, बिहान योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता, राखी निर्माण से अनीता सिंह के हुनर को मिली नई पहचान, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

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एमसीबी

चेहरों में खुशी होठों में मुस्कान – बहनों की तरक्की  स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार की गई

एमसीबी/26 अगस्त 2026/ जिले के ग्राम चनवारीडांड की रहने वाली अनीता सिंह बिहान योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने अपने समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर राखियां तैयार करने का कार्य किया।

इस कार्य के माध्यम से उन्हें नया हुनर सीखने और अपनी प्रतिभा को रोजगार से जोड़ने का अवसर मिला। अनीता सिंह का कहना है कि समूह के साथ मिलकर काम करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले जहां उनकी पहचान मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, वहीं अब वे अपने हुनर के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी निभा रही हैं। राखी निर्माण जैसे कार्यों से उन्हें अपनी मेहनत और हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है और वे धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

अनीता सिंह बताती हैं कि राखी निर्माण के दौरान उन्हें बहुत कुछ नया सीखने को मिला। उनके स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार की गई राखियों को ‘Hasdeo Brand’ के नाम से स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Meesho पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया। समूह की महिलाओं द्वारा तैयार राखियों को बाजार तक पहुंच मिलने से अनीता काफी खुश हैं। उनका कहना है कि बिहान योजना के माध्यम से समूह से जुड़ने के बाद उन्हें घर से ही काम करने और अपनी आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

अनीता सिंह को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की राशि भी प्राप्त होती है। रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन योजना की राशि उनके लिए त्योहार की तैयारियों के बीच बड़ा सहारा बनी। उन्होंने बताया कि इस राशि से उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है और परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी सहयोग मिलता है।

अनीता सिंह कहती हैं कि “हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिलाओं को लगातार आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बिहान योजना के माध्यम से हमें समूह से जुड़कर काम करने और अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। वहीं महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली राशि भी हमारे लिए बहुत बड़ा सहारा है। रक्षाबंधन से पहले मिली राशि से त्योहार की तैयारियों में काफी मदद मिली। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं और उन्हें रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।”

ग्राम चनवारीडांड की अनीता सिंह की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासकीय योजनाओं और स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अपने हुनर को रोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से मिले अवसर और महतारी वंदन योजना से प्राप्त आर्थिक संबल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही आत्मनिर्भरता की नई राह भी तैयार कर रहे हैं।

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