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एमसीबी- नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से बदलेगी खेती की तस्वीर, किसान सुंदर सिंह को बेहतर उत्पादन की उम्मीद आधुनिक कृषि तकनीक अपना रहे लालपुर के किसान, बोले- समय पर मिल रही खाद, नई तकनीक से बढ़ेगा लाभ…………

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एमसीबी/09 जून 2026/ खेती को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में जिले के किसान अब नई तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं। इसी कड़ी में जिला एमसीबी के ग्राम लालपुर निवासी किसान सुंदर सिंह ने इस खरीफ सीजन में पहली बार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्हें विश्वास है कि आधुनिक उर्वरकों के प्रयोग से उनकी फसल की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।
सुंदर सिंह बताते हैं कि अब तक वे पारंपरिक उर्वरकों का उपयोग करते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से नैनो उर्वरकों के सकारात्मक परिणामों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भी इसे अपनाने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि गांव और आसपास के कई किसानों ने पिछले वर्ष नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। किसानों ने फसलों की बेहतर वृद्धि, पौधों के अच्छे स्वास्थ्य और उत्पादन में वृद्धि का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उपयोगिता और सुविधा है। पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद यह प्रभावी परिणाम देता है। साथ ही इसे आसानी से परिवहन किया जा सकता है, जिससे किसानों का समय, श्रम और लागत तीनों की बचत होती है।


सुंदर सिंह ने बताया कि सहकारी समिति से किसानों को खाद समय पर उपलब्ध हो रही है, जिससे खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही। आवश्यकतानुसार उर्वरकों की उपलब्धता से किसानों में संतोष है और वे पूरे उत्साह के साथ खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। उन्होंने शासन और कृषि विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को लगातार आधुनिक कृषि तकनीकों तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे किसानों में नई तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और वे नवाचारों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।
सुंदर सिंह का मानना है कि बदलते समय के साथ यदि किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं तो खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी बन सकती है। उन्हें उम्मीद है कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से इस वर्ष उनकी फसल बेहतर होगी और उनकी सफलता अन्य किसानों को भी नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। नैनो उर्वरकों के बढ़ते उपयोग के साथ जिले में आधुनिक कृषि की नई तस्वीर उभर रही है, जहां किसान नवाचार, सुविधा और बेहतर उत्पादन की दिशा में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रहे हैं।

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